आचार्यश्री का पड़गाहन कर ले जा रहे थे अपने निवास, हुआ आकस्मिक मरण






आचार्यश्री का पड़गाहन कर ले जा रहे थे अपने निवास, हुआ आकस्मिक मरण

अजमेर की इस दुखद घटना ने हर हृदय को द्रवित कर दिया।

तन पर सिर्फ धोती-दुपट्टा, कोई मोह-माया नहीं, निर्मल भावों के साथ, अजमेर शहर के धर्म निष्ठ परिवार श्री मिश्रीलाल जी गदिया ज्ञानोदय तीर्थ नारेली कोषाध्यक्ष के छोटे भ्राता श्री सुनील कुमार गदिया आज प्रातः पूज्य आचार्यश्री सुनील सागर जी महाराज का पड़गाहन कर रहे थे, अपने निवास स्थान ले जाते वक्त आकस्मिक रूप से मरण को प्राप्त हुए।  ऐसे धर्म निष्ठ सुनील कुमार जी गदिया के देवलोक गमन की घटना के बारे में जिसने सुना, हैरत में आ गया, मन अत्यन्त दुःख से भर उठा। मन मे आहारदान की भावना, गुरुदेव का पड़गाहन, नङ्गे पैर, तन पर धोती दुपट्टा के अलावा कोई अतिरिक्त कपड़े तक नहीं, विशुद्ध भावों से तन का त्याग हो गया। कैसी उच्च गति को प्राप्त किया होगा। धन्य है वह आत्मा। धन्य है। ऐसी भव्य आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि।

■बिन संल्लेखना समाधि मरण जैसे उत्कृष्ट मरण! ऐसी भव्य आत्मा के श्री चरणों में सादर नमन!